पर्व- दिनांक
- 4 सितम्बर 2026 · शुक्रवार
- समय
- सायंकाल से
- स्थान
- बेंगलुरु चेतना केंद्र
- आयोजक
- AWGP बेंगलूरु
भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर बेंगलुरु चेतना केंद्र में वैदिक मंत्रों के साथ गौ पूजन, अभिषेक, नामार्चन एवं तुलसी अर्पण किया जाता है। नामार्चन में सभी सहज ही जुड़ जाते हैं — प्रभु का एक-एक नाम सामूहिक स्वर में अर्पित होता है, और सारा प्रांगण एक ही लय में गूँज उठता है।
तत्पश्चात छप्पन भोग — प्रभु के समक्ष सजाए गए पारंपरिक छप्पन व्यंजन — एवं महाआरती सम्पन्न होती है, जिसमें दीप उठते ही समस्त उपस्थित जन एक साथ खड़े हो जाते हैं।
संध्या भजन एवं भक्ति नृत्य के साथ आगे बढ़ती है, और फिर परिजनों द्वारा ही प्रस्तुत “गोरा कुम्हार” नाटिका — उस कुम्हार-संत की कथा, जो कृष्ण के विट्ठल स्वरूप को दर्शाती है। उत्सव का समापन शांति पाठ के साथ होता है। परिवारों एवं बच्चों का विशेष रूप से स्वागत है; कोई शुल्क अथवा पंजीकरण नहीं।
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