
युग ऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य
गुरुदेव · १९११–१९९०संत, सुधारक, लेखक, दार्शनिक और दृष्टा गुरुदेव का जन्म २० सितंबर १९११ को आँवलखेड़ा, आगरा में हुआ। चौदह वर्ष की आयु में उन्हें अपने हिमालयवासी गुरु का मार्गदर्शन मिला, और आगे चलकर उन्होंने गायत्री महामंत्र के २४ महापुरश्चरण किए। गांधीजी के आशीर्वाद से उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। उन्होंने संपूर्ण वैदिक वाङ्मय का सरल हिंदी में अनुवाद किया, ३,००० से अधिक ग्रंथ रचे और जन-जन के आध्यात्मिक, नैतिक व सामाजिक उत्थान हेतु १०० सूत्री युग निर्माण योजना दी। उन्होंने शांतिकुंज, ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान और मासिक 'अखंड ज्योति' (१९४०) की स्थापना की। गायत्री माता के परम भक्त, उन्होंने गायत्री जयंती, २ जून १९९० को स्वेच्छा से देह त्यागी।
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