वृक्षारोपण अभियान
सेवा के रूप में पृथ्वी की देखभाल
वृक्षारोपण गायत्री परिवार के पर्यावरण रक्षा आंदोलन का अंग है — सामाजिक और पारिस्थितिक नवनिर्माण के सात आंदोलनों में से एक। हमारे लिए पौधा रोपना केवल पर्यावरणीय कार्य नहीं, एक पवित्र अनुष्ठान है: मिट्टी में पौधा लगाने से पहले हम धरती माता, पर्जन्य (वर्षा) और पौधे का पूजन करते हैं, और हर रोपण एक मौन अर्पण बन जाता है। गुरुदेव की दृष्टि — "मनुष्य में देवत्व का उदय, धरती पर स्वर्ग का अवतरण" — से प्रेरित होकर हमारे बेंगलुरु केंद्र ने दस वर्षों से अधिक समय में नगर भर में 20,000 से अधिक वृक्ष लगाए हैं, मुख्यतः विद्यालयों और मंदिरों में। हम बच्चों को मंत्र, योग और पर्यावरण-चेतना से जोड़ते हैं, और स्थानीय समुदायों को सहभागी बनाते हैं ताकि हर वृक्ष की देखभाल रोपण के बाद भी बनी रहे।
📸 झलकियाँ













🌳 मुख्य विशेषताएं
- रोपण एक पवित्र अनुष्ठान — बुवाई से पहले धरती माता, वर्षा और पौधे का पूजन
- 10+ वर्षों में बेंगलुरु भर में 20,000+ वृक्ष, मुख्यतः विद्यालयों व मंदिरों में
- बच्चे मंत्र, योग व चेतना से जुड़े; समुदाय हर वृक्ष की देखभाल करते हैं
🌿 हमारी पहल
- सार्वजनिक स्थानों, विद्यालयों में देशी प्रजातियां
- प्रतिभागी पेड़ों को अपनाते हैं
- जैव विविधता पर शैक्षणिक सत्र
प्रकृति मित्र अभियान — बीज-गोला आंदोलन
प्रकृति मित्र अभियान — 'प्रकृति के मित्र' — गायत्री परिवार का बीज-गोला आंदोलन है। स्वयंसेवक, अक्सर विद्यालय के बच्चों के साथ, देशी वृक्षों के बीजों को मिट्टी, खाद और गोबर के साथ मिलाकर छोटी-छोटी गोलियाँ (बीज गोला) बनाते हैं और उन्हें सुखाते हैं। वर्षा आते ही इन बीज-गोलों को बंजर पहाड़ियों, सड़कों के किनारे और खुली भूमि पर बिखेर दिया जाता है — जहाँ ये वर्षा के साथ स्वयं अंकुरित हो जाते हैं। यह उन स्थानों को हरा-भरा करने का सरल और आनंददायक तरीका है जहाँ हाथ से पौधे लगाना कठिन है, और अगली पीढ़ी को यह सिखाने का भी कि धरती की देखभाल सबका कर्तव्य है।
- 1देशी वृक्षों के बीजों को मिट्टी, खाद और गोबर के साथ मिलाएं
- 2मिश्रण को छोटी गोलियों में ढालें और सुखाएं
- 3वर्षा से पहले बीज-गोलों को बंजर भूमि पर बिखेरें
- 4शेष कार्य वर्षा करती है — बीज बिना सिंचाई के स्वयं अंकुरित होते हैं
जो एक छोटे प्रयोग के रूप में शुरू हुआ, वह धीरे-धीरे फैल गया: इसकी सरलता और प्रभाव से प्रेरित होकर अन्य शहरों के AWGP केंद्र — लखनऊ और जयपुर सहित — ने अपने स्वयं के प्रकृति मित्र बीज-गोला अभियान आरंभ कर दिए हैं।
अपने शहर में यह कैसे शुरू करें? चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका देखें।
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